महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा

सुप्रीम कोर्ट द्वारा महाराष्ट्र विधानसभा में महा विकास अघाड़ी सरकार के लिए गुरुवार को फ्लोर टेस्ट पर रोक लगाने से इनकार करने के बाद उद्धव ठाकरे ने बुधवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लोगों को संबोधित करते हुए, उद्धव ठाकरे ने अपने सम्बोधन में कहा कि वह खुश हैं कि अपनी "पिछली कैबिनेट बैठक" में औरंगाबाद और उस्मानाबाद का नाम बदलने के शिवसेना संस्थापक बालसाहेब ठाकरे के सपने को पूरा करने में सफल हुए ।

ज्ञात हो कि आज रात तकरिबन नौ बजे सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा में महा विकास अघाड़ी सरकार के लिए गुरुवार के फ्लोर टेस्ट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था । जिसके बाद  उद्धव ठाकरे ने आज ही बुधवार को रात में ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

अपने सम्बोधन में गठबंधन के सहयोगियों शरद पवार और सोनिया गांधी को धन्यवाद देते हुए, उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले बाग़ियों से उनके खिलाफ विद्रोह का कारण पूछा । आगे उन्होंने कहा कि खुश रहो कि तुमने बालासाहेब ठाकरे के बेटे को धोका दिया है । आपने उनकी पार्टी के आत्मा को तोड़ा है । पिछले हफ्ते ही मैं तो मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास से निकल गया था, आज मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं,सदन के पटल पर विश्वास मत का सामना करने कि बजाय ठाकरे पहले ही इस्तीफ़ा देना ऊँचित समझे


बाग़ी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के तमाम बाग़ी विधायकों ने तत्काल सदन शक्ति परीक्षण की मांग की थी , जबकि ठाकरे पक्ष चाहता था कि शक्ति परीक्षण एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया जाए क्योंकि उनके 16 बाग़ियों की अयोग्यता का मुद्दा अभी भी राज्यपाल के पास लंबित है ।

बागियों और विपक्षी भाजपा के पक्ष में नौ दिनों तक चले महाराष्ट्र के राजनीतिक गतिरोध की समाप्ति के साथ, ठाकरे की अध्यक्षता में महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने आज औरंगाबाद का नाम संभाजी नगर और उससे लगे उस्मानाबाद का नाम धाराशिव करने को मंजूरी दे दी ।

ज्ञात हो कि ठाकरे मंत्रिमंडल के कैबिनेट ने अपनी पिछली बैठक में नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम डीवाई पाटिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने को भी मंजूरी दी थी।

यहाँ तक कि फैसले तब भी लिए गए जब सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के निर्देश के खिलाफ याचिका पर सुनवाई कर रहा था। गौरतलब है कि ठाकरे ने पिछले ढाई साल के दौरान मंत्रियों और नौकरशाहों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके अपने लोगों ने ही दगा दिया है।

आगे विपक्ष के नेता पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने की उम्मीद है । ग़ौरतलब है कि पार्टी के अधिकांश विधायकों और कई निर्दलीय विधायकों के साथ पिछले हफ्ते से एकनाथ सिंदे गुवाहाटी में डेरा डाले हुए थे, और आज सारे बाग़ी और निर्दलीय विधायक शिंदे के साथ गोवा पहुंच गए हैं

सुप्रीम कोर्ट में शिंदे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज किशन कौल ने तर्क दिया था कि फ्लोर टेस्ट में कभी बिलंब नहीं किया जा सकता है और यह "राजनीतिक जवाबदेही निर्धारित करने और खरीद-फरोख्त से बचने का एकमात्र तरीका है।" उन्होंने यह भी कहा कि अयोग्यता की कार्यवाही लंबित होने से "फ्लोर टेस्ट में देरी के देरी का कोई आधार या लेना देना नहीं है"।

ठाकरे ग्रुप गठबंधन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कल शक्ति परीक्षण का निर्देश अनुचित और जल्दबाजी में लिया हुआ फ़ैसला है । उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल द्वारा लिया हुआ फ़्लोर टेस्ट का फ़ैसला एक राजनीतिक फ़ैसला है जो संबैधानिक नहीं है