मानसून में कार सुरक्षित रखने के बेहतरीन टिप्स

मानसूनी मौसम में वीकेंड के आउटिंग पर यदि कहीं फँस गए हैं, तो निम्नलिखित सावधानिया आपको मुसीबत से बचाने में मददगार साबित हो सकती है ।

मानसून में कार सुरक्षित रखने के बेहतरीन टिप्स
वारिस के जलजमाव में फ़सी कार को धक्का लगाते लोग (फ़ोटो क्रेडिट: www. n st.com.my)
मानसून में कार सुरक्षित रखने के बेहतरीन टिप्स

प्रायः जून महीने के पहले सफ़्ताह में वारिस शुरू हो जाती हैं, मानसून तो नि:संदेह मज़ा देता हैं, मगर यदि आप कार मालिक हैं और आउटिंग पर वारिस में कहीं फँस गए हैं तो निम्नलिखित सावधानियाँ आपको मुसीबत से बचाने में मददगार साबित हो सकती है ।

ये सावधानियाँ पूर्व नियोजित और अनुभव पर आधारित है, अर्थात् वास्तविक परिस्थिति में आप अपने स्वविवेक का इस्तेमाल करें जो लाज़िमी महसूस हो, वही करें ।  

1. ज़्यादा जलभराव या पानी भरें क्षेत्रों में कार न रोकें

प्रायः झमाझम तेज बारिश में आम भारतीय सड़के जलभरव से ग्रसित हो जाती है । ऐसे में यदि आपके पास रास्ते के अन्य सुरक्षित विकल्प हो तो ऊपर वाले को याद करते हुए सुरक्षित विकल्प का इस्तेमाल करें।

परंतु यदि आपके कोई सुरक्षित विकल्प नहीं है तो ध्यान रखें कि गाड़ी जलभराव वाली जगह पर विल्कुल न रोकें, अन्यथा हो सकता है कि गाड़ी स्टार्ट होने में दिक़्क़त करे। अतः कोशिस करें कि कार को धीरे धीरे पानी बाहर निकालते रहें।

2. दुर्भाग्यवस कार पानी में फँसे या बंद पड़ जायँ तो स्टार्ट करने की कोशिस विलकुल न करें।

पानी में फँसे और बंद पड़े कार को स्टार्ट करने की कोशिस विलकुल न करें ऐसा करना ख़तरनाक और जोखिम भरा हो सकता है। कार के में लगे सेंसर, और अन्य एलेक्ट्रोनिक उपकरण करेंट पास करने के दौरान शॉर्ट कार सकते है, सर्किट ब्रेक हो सकता है।  

3. कार बंद होने या दरवाज़ा लाँक होने की दशा में घबराएँ नहीं

प्रायः देखा गया है कि कम अनुभव वाले या नवसिखिया कार ड्राइवर विपरीत परिस्थिति से घबरा कार ग़लत निर्णय ले बैठते हैं। ख़ासतौर से जलभराव के दौरान कार बंद होने और दरवाज़ा लाँक होने कि दशा में घबरा जाते हैं। ऐसे परिस्थिति में ठंडे दीमाग से अनुकूल निर्णय लें। ध्यान रखें कार के अंदर ऐसे बहुत से यंत्र हैं जो आपको ख़तरे से निजात पा सकते हैं ।

आपका फ़ोन, टूल, आपके सीट का हेड रेस्टर आदि ऐसे उपकरण हैं जिन्हें आप दरवाज़ा न खुलने स्थिति में प्रयोग कर सकते हैं। ध्यान रहे ये उपाय केवल अंतिम विकल्प के रूप में ही करें।

4. जलभराव से बाहर निकलने पर ब्रेक को बार बार पम्प करते जायँ

ध्यान रखें बाढ़ग्रस्त या जलभराव से बाहर आने पर कार के ब्रेक को कुछ समय तक बारी बारी से पम्प करते रहें, ताकि यदि पानी कार में तो झटके की वजह से नीचे गिर जायँ। ऐसा तभी करें जब आप कार लेकर पानी से बाहर आ गए हों।

        5. ज्यादा पानी भरे इलाकों या उफनते पानी में कार ले जाने से 

         बचें

ख़ासतौर पर टिनेजर्स को रिस्क लेने में मज़ा आता है और दोस्तों के बीच धाक जमाने के लिए उफनते पानी में कार को उतार देते हैं और फिर प्रायः ऐसे समाचार सोशल मीडिया और टेलिविज़न पर सुर्ख़ियाँ बटोरते हैं । तो ऐसे रिस्क लेने से बचे ।  

        6. टायर, वाइपर और ब्रेक शू का ध्यान रखें

वाइपर, ब्रेक शू, टायर और टायर में हवा चेक कर लें । वाइपर अगर घिस गया हो तो चेंज कर लें । ऐसे ही ब्रेक शू ख़राब होने की दशा में ख़तरा बढ़ जाता है, अतः ब्रेक शू चेक कर लें।

        7. रोड के साइड यानी सड़क के किनारे चलने से बचें

प्रायः भारतीय सड़के बीच से तो सुरक्षित दिखती है, मगर कच्ची मिट्टी का मज़ा सड़क के किनारे पर ही देखने को मिलता है। अतः कार की स्पीड को ध्यान में रखते हुए सड़क के किनारे चलने से बचें।

कुछ लोग सड़क पर चलने वाले आम पब्लिक का ध्यान नहीं रखते और तेज रफ़्तार से कार गुज़ार देते हैं और पानी और कीचड़ के छिटें पैदल चलने वाले लोंगो पर पड़ता है। ऐसे कृत्य करने से बचें।

        8. बड़ी गाड़ियों पीछे पीछे सम्भालकर चलें

इसके अपने फ़ायदे हैं। मसलन आप ये सुनिस्चित कार सकते हैं आगे की सड़क कितनी ख़राब या खड्डा कितना गहरा है। आपकी ये सावधानी आपके कार को सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है।

9. दुर्घटना पर बीमा कम्पनी इंसुरेंस को सूचित करें

दुर्भाग्यवश अगर आप किसी दुर्घटना के शिकार होते है तो अपने इंसुरेंस कम्पनी से सम्पर्क करें 

10.दोस्तों और परिवार से सदैव सम्पर्क बनाए रखें

विषम परिस्थिति में इंसान घबराहट का शिकार होता है और विवेक शून्यता की स्थिति महसूस होती है। ऐसे वक्त में सदैव अपने आप को शांत और विवेकशील बनाए रखें । आसपास से मदद लेने की कोशिस करें और दोस्त और परिवार के साथ सदैव सम्पर्क बनाए रखें।

उपरोक्त बातें ध्यान रखने से काफ़ी मदद मिल सकती है और अपनी कार के साथ अपने आप को भी सुरक्षित रख सकते हैं।